8 हफ़्ते का साइकिल

Fitfarmer कैसे काम करता है

एक ब्लड टेस्ट से ऐसा प्लान बनता है जिसे आप रोज़ निभा सकें। हर साइकिल में पाँच कदम होते हैं और यह 8 हफ़्ते चलता है।

  1. साइन-अप और अपना लक्ष्य बताइए

    मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाइए, अपने हेल्थ डेटा के इस्तेमाल की सहमति दीजिए, और अपना लक्ष्य, खाना (शाकाहारी, अंडा या नॉन-वेज), ट्रेनिंग का अनुभव और दिनचर्या बताइए।

  2. घर पर ब्लड टेस्ट

    ऐप में समय चुनिए। लैब टेक्नीशियन घर आकर सैंपल लेता है — आमतौर पर सुबह, रात भर खाली पेट रहने के बाद। रिपोर्ट ऐप में आ जाती है।

  3. अरुण आपका प्लान बनाते हैं

    कोच अरुण तेजा आपकी रिपोर्ट, लक्ष्य और दिनचर्या देखकर खाने का प्लान, ट्रेनिंग और रोज़ के सुझाव लिखते हैं। सप्लीमेंट या कोई मेडिकल बात हो तो पार्टनर डॉक्टर पहले देखते हैं।

  4. रोज़ फ़ॉलो कीजिए, पॉइंट्स कमाइए

    खाना और वर्कआउट लॉग कीजिए, पानी, कदम और नींद के लक्ष्य पूरे कीजिए। हर काम पर हार्वेस्ट पॉइंट्स मिलते हैं और आपका स्ट्रीक पौधा बढ़ता है।

  5. 8 हफ़्ते बाद दोबारा टेस्ट

    दूसरा टेस्ट दिखाता है कि क्या बदला। अरुण दोनों रिपोर्ट मिलाकर अगला प्लान बनाते हैं।

इस प्रक्रिया पर सवाल

प्लान मिलने में कितना समय लगता है?

रिपोर्ट आने के बाद अरुण प्लान लिखते हैं। अगर डॉक्टर की जाँच ज़रूरी हो तो वह पहले होती है। सही समय-सीमा लॉन्च पर बताई जाएगी; ऐप में आप देख सकते हैं कि आप किस स्टेज पर हैं।

8 हफ़्ते ही क्यों?

खून के कई मार्कर खाने, नींद और ट्रेनिंग के बदलाव पर हफ़्तों में असर दिखाते हैं। करीब दो महीने बाद दोबारा टेस्ट करने से असली बदलाव दिखता है और आप ट्रैक पर भी रहते हैं।

अगर रिपोर्ट में कुछ गंभीर निकले तो?

तब पार्टनर डॉक्टर उसे देखते हैं और आपको डॉक्टर से मिलने की सलाह दी जाती है। Fitfarmer किसी ऐसी मेडिकल समस्या के ऊपर कोचिंग नहीं करता जिसे इलाज चाहिए।